शब्दों के दांत नहीं होते है

कहते है शब्दों के दांत नहीं होते है!

लेकिन शब्द जब काटते है तो दर्द बहुत होता है ..

और कभी कभी घाव इतने गहरे हो जाते है..

की जीवन समाप्त हो जाता है परन्तु घाव नहीं भरते.

इसलिए जीवन में जब भी बोलो मीठा बोलो मधुर बोलों..